मिर्गी के इलाज ( mirgi ka ilaj ), 10 लक्षण और कारण – Epilepsy treatment, symptoms and causes

मिर्गी क्या है ?

मिर्गी जिसे अंग्रेजी में एपिलेप्सी भी कहा जाता है यह एक ऐसी बीमारी है जो बेहद घातक साबित हो सकती है । पिछले कुछ सालों में मिर्गी के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है वरना लोग इसे भूत-प्रेत का चक्कर समझ कर झाड़-फूंक में लग जाते थे और इस चक्कर में मरीज की जान भी चली जाती थी ।

जब भी मिर्गी का दौरा आता है तो यह दृश्य काफी डरावना सा लगता है मिर्गी की बीमारी दरअसल दिमाग में वायरिंग की गड़बड़ी की वजह से होता है और यदि इसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह किसी की जान भी ले सकता है तो आइए आज healthkenuskhe के इस लेख में हम जानेंगे मिर्गी से संबंधित सभी जानकारियां जिसके बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए । चलिए पहले जानते है इसके लक्षण और फिर आगे हम जानेंगे इसका इलाज ( mirgi ka ilaj )

मिर्गी के लक्षण

मिर्गी के लक्षण – epilepsy symptoms in hindi

  • मुंह में झाग आना ।
  • आंखों के सामने अचानक अंधेरा हो जाना ।
  • आंखों की पुतलियों को ऊपर की ओर खींचना ।
  • अपने दांतो से जीव को जोर से काट लेना ।
  • दांतो का अचानक से भींज जाना ।
  • मांस पेशियों का अचानक फड़कना ।
  • बात करते-करते अचानक दिमाग का ब्लैंक हो जाना ।
  • अचानक से अपने शरीर का नियंत्रण खो देना ।
  • अचानक बेहोश हो जाना ।
  • दौरा पड़ना जिसमें व्यक्ति अजीब हरकतें करने लगता है और शरीर तड़पने लगता है ।

मिर्गी के कारण

मिर्गी के कारण – causes of epilepsy in hindi

1) दिमाग में कीड़ा – कई मामलों में यह बात सामने आई है कि कान के द्वारा दिमाग में कोई कीड़ा चले जाने की वजह से वह दिमाग के कुछ हिस्सों को खाना शुरु कर देता है जिसके कारण दिमाग की वायरिंग में गड़बड़ियां हो जाने की वजह से भी मिर्गी का दौरा पड़ सकता है इसीलिए कहा जाता है कि बरसात के दिनों में कभी भी फर्श पर नहीं सोना चाहिए और सोते समय कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने कान में रुई डाल लें ताकि कोई भी कीड़ा आपके दिमाग में ना घुस सके ।

2) ब्रेन टीबी – ग्रीन टीबी एक प्रकार की बीमारी है जिसमें आपका दिमाग टीबी से ग्रस्त हो जाता है जिसके कारण दिमाग की सोचने समझने की क्षमता भी कम हो जाती है और दिमाग कमजोर होने लगता है जिसके कारण इसकी संरचना में समस्याएं आने लगती हैं और इसकी वजह से मिर्गी का दौरा भी आ सकता है ऐसे में तेज बुखार पाचन तंत्र का खराब होना ऐसी परिस्थितियां भी आती हैं ( मिर्गी के कारण ) 

3) ब्रेन ट्यूमर – कई बार ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों के ब्रेन में ट्यूमर होता है उन लोगों को भी मिर्गी का दौरा पड़ सकता है ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रेन ट्यूमर जैसे-जैसे बड़ा होता है वह दिमाग पर प्रेशर डालता जाता है जिसके कारण खून को दिमाग में पास होने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ( मिर्गी के कारण ) । ऐसी परिस्थिति में मिर्गी का दौरा पड़ना भी एक आम बात मानी जाती है इसलिए टाइम टू टाइम अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए कि शरीर में किसी प्रकार का ट्यूमर तो नहीं है क्योंकि अगर ट्यून अपने शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाए तो उसे दवा से भी ठीक किया जा सकता है।

4) ब्रेन स्ट्रोक – ब्रेन स्ट्रोक यानी कि दिमागी दौरा, जिस प्रकार दिल का दौरा पड़ता है उसी प्रकार का दिमाग का दौरा भी होता है जो अचानक से दिमाग को पूरी तरह से ब्लैंक कर देता है । व्यक्ति बेहोश हो जाता है और उसके शरीर पर उसका कोई भी नियंत्रण नहीं रहता ऐसे में यह मिर्गी का दौरा जैसा लगता है और यह ग्रिम्सट्रोक इतना खतरनाक होता है कि यह मरीज की जान भी ले सकता है ।

5) सर पर चोट – कई बार गर्भावस्था के दौरान बच्चे के सर पर चोट लगने की वजह से या कहीं एक्सीडेंट में सर पर चोट लगने की वजह से भी दिमाग की वायरिंग में गड़बड़ियां आ जाती है और यह मिर्गी के दौरे के रूप में सामने आता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपना ध्यान रखना चाहिए ताकि बच्चे को चोट ना लग जाए और जब भी गाड़ी में चलें हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए ( मिर्गी के कारण ) 

6) अनुवांशिक – मिर्गी का दौरा कई मामलों में अनुवांशिक भी देखा गया है । कई मामले में ऐसा देखा गया है कि अगर किसी के पिता या माता को मिर्गी की समस्या थी तो उसके बच्चे को भी मिर्गी के दौरा आने की संभावना काफी ज्यादा होती है और कई मामलों में ऐसा हुआ भी है कि बच्चे के सर पर ना तो कोई चोट थी और ना ही दिमाग में कोई समस्या थी पर फिर भी उस बच्चे को मिर्गी का दौरा आता था तो यह बीमारी अनुवांशिक भी होती है ।

mirgi ka dora

किसी को मिर्गी का दौरा ( mirgi ka dora ) पड़े तो क्या करें ?

1) अगर आपके परिवार में या आपके अगल-बगल किसी को मिर्गी का दौरा पड़े तो तुरंत उसके कपड़े ढीले करने की कोशिश करें और हवा आने दे भीड़ बिल्कुल ना लगाएं ।

2) उसके दांतो के बीच में चम्मच घुसाने की कोशिश करें क्योंकि दातों के दबाव से दांत टूट सकते हैं जो गले में जाकर फंस सकता है और इस वजह से उसकी जान भी जा सकती है ।

3) जूता बिल्कुल ना सुंघाएं और जबरदस्ती शरीर के अकड़े अंगों को सीधा करने की कोशिश बिल्कुल ना करें ऐसे में जबरदस्ती करने से वह अंक टूट भी सकते हैं ।

4) अगर पहली बार किसी को मिर्गी का दौरा पड़ा है तो जितनी जल्दी हो सके तुरंत किसी डॉक्टर की मदद ले या तुरंत हॉस्पिटलाइज कराने की कोशिश करें ।

5) डॉक्टर को अगर लगेगा कि यह मिर्गी का दौरा है तो वह ब्लड टेस्ट, एमआरआई तथा ईईजी से इस बीमारी का पता आसानी से लगा लेगा ।

क्या मिर्गी ठीक हो सकती है

मेडिकल साइंस के अनुसार मिर्गी का कोई भी परमानेंट इलाज नहीं है और इसे सिर्फ दवाइयों की मदद से नियंत्रण में रखा जा सकता है पर आयुर्वेद का कहना अलग है आयुर्वेद कहता है कि दुनिया में ऐसी कोई भी बीमारी नहीं है जिसका इलाज मुमकिन नहीं है | उन्हीं में से एक है मिर्गी तो आइए जानते हैं कि किन घरेलू नुस्खों की मदद से आप मिर्गी जैसी बड़ी बीमारी को भी दूर कर सकते हैं या कम कर सकते हैं ( mirgi ka ilaj )

mirgi ka ilaj

मिर्गी का घरेलू इलाज – mirgi ka ilaj

1) सिट्रस फलों का सेवन – सिट्रस फल जैसे कि संतरा मौसंबी नींबू आंवला इन फलों में एंटी ऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा होती है । यह शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करता है और दिमाग को रिपेयर करता है यदि लंबे समय तक इन फलों का सेवन किया जाए तो मिर्गी के दौरों में काफी कमी आने लगती है ( mirgi ka ilaj )

2) तुलसी – मिर्गी में तुलसी एक बहुत ही रामबाण इलाज माना गया है । आयुर्वेद में बताया गया है कि यदि रोज सुबह में खाली पेट 20 तुलसी की पत्तियां चबाई जाए तो यह दिमाग में मौजूद ननोपार्टिकल्स और शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करता है ( mirgi ka ilaj ) । साथ ही यह काफी तेजी से दिमाग की वायरिंग को ठीक करने लगता है । यदि रात में सोने से पहले मरीज की नाक में एक-एक बूंद तुलसी का रस डाला जाए तो यह भी उसके दिमाग को ठीक करने और मिर्गी को ठीक करने के लिए रामबाण उपाय है हालांकि इसका उपयोग आपको लंबे समय तक करना पड़ेगा ।

3) नस्यकर्म – यह आयुर्वेद का एक बहुत ही जांचा और परखा नुस्खा है जिसमें नाक के दोनों छिद्रों में दो दो बूंद देसी गाय का घी डाला जाता है । शुद्ध देसी घी के प्रभाव से दिमाग रिपेयर होने लगता है और दिमाग के सारे विकार दूर होने लगते हैं । यदि इस नुस्खे को आप अपने जीवन में उतार लेंगे तो आपको दिमाग से संबंधित कोई भी बीमारी नहीं होगी और यदि मिर्गी है तो वह भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी ( mirgi ka ilaj )

4) प्रोटीन युक्त भोजन – कई बार शरीर में प्रोटीन की कमी की वजह से भी दिमाग कमजोर होने लगता है और दिमाग की वायरिंग में गड़बड़ियां आने लगती है । यदि आप प्रोटीन युक्त भोजन करना शुरू कर दें तो यह आपके दिमाग और पूरे शरीर को फिर से रिपेयर करना शुरू कर देता है ( mirgi ka ilaj ) साथ ही शरीर में शक्ति आने लगेगा और शरीर ऊर्जावान बनने लगता है जिसके कारण भी मिर्गी के दौरों में कमी आने लगती है ।

5) पेठा या कद्दू – पीठ आया कद्दू मिर्गी को ठीक करने के लिए एक बहुत ही पुराना नुस्खा माना जाता है जिसका इस्तेमाल कई वर्षों से किया जाता रहा है ( mirgi ka ilaj ) । यदि आप इन दोनों चीजों का सेवन लंबे समय तक करते हैं तो यह आपके मिर्गी की समस्या को धीरे धीरे ठीक करने में आप की काफी सहायता कर सकता है ।

मिर्गी से अपना बचाव कैसे करें – मिर्गी का कारगर इलाज ?

मिर्गी एक ऐसी बीमारी है जो कभी भी किसी को भी हो सकती है यह बीमारी तभी होती है जब आपके दिमाग के न्यूरो फंक्शन में गड़बड़ियां आती है पर यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो यह कुछ उपाय हैं जो आपको ध्यान में रखने चाहिए ।

1) पर्याप्त नींद – नींद एक ऐसी चीज है जो हमें प्रकृति से एक वरदान के रूप में मिली है यदि मनुष्य 2 से 4 दिन ना सोए तो उसका शरीर बीमार पड़ सकता है । नींद लेने से हमारा शरीर रिकवरी करता है और शरीर में मौजूद दोषों को खत्म करता है । विज्ञान के अनुसार एक औसतन मनुष्य को 7 से 8 घंटे की रोजाना नींद की जरूरत पड़ती है जब कोई व्यक्ति कम नींद लेने लगता है तो सबसे पहले इसका बुरा असर उसके दिमाग पर पड़ता है और मिर्गी दिमाग के कमजोर होने की वजह से ही होती है इसलिए आपको ध्यान रखना है कि आप 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें ( mirgi ka ilaj )

2) कम तनाव – आज के समय में तनाव भरी जिंदगी एक आम सी बात हो चुकी है इसकी वजह से कई बीमारियां उत्पन्न हो रही है जैसे कि कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, डिप्रेशन, दिमाग का कमजोर होना आदि । तनाव होने की वजह से खून में कॉर्टिसोल की मात्रा बढ़ जाती है जो पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है ( mirgi ka ilaj ) इसलिए भी तनाव से दूर रहना बहुत जरूरी है इसलिए हमेशा डॉक्टर कहते हैं कि आपको खुश रहना चाहिए और हंसते खेलते रहना चाहिए ताकि आपका शरीर भी हंसता खेलता रहे इसलिए तनाव से दूर रहने की कोशिश करें ।

3) सही खानपान – आज के समय में लोग सही खान-पान तो जैसे भूल ही गए हैं बाहर का स्ट्रीट फूड या जंक फूड आज लोगों की पहली पसंद बना हुआ है जिसके कारण शरीर में सही मात्रा में पौष्टिक तत्व नहीं जा पाते और शरीर कमजोर पड़ने लगता है और शरीर में धीरे-धीरे अनेक बीमारियां आने लगती हैं इसलिए हमेशा अपने खान-पान का ध्यान रखें और बैलेंस डाइट लेने की कोशिश करें । अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी ना हो तो किसी डाइटिशियन की मदद लें ( मिर्गी का कारगर इलाज )

4) शराब – यदि आप शराब पीते हैं तो उसे कम मात्रा में पीए, 1 दिन में 2 पैग यानी कि 120ml से ज्यादा शराब पीने की कोशिश बिल्कुल ना करें क्योंकि ज्यादा शराब पीने से शरीर तो कमजोर होता ही है इसका नकारात्मक असर आपके दिमाग पर भी पड़ता है इसलिए शराब का सेवन कम से कम करें ( mirgi ka ilaj )

जिनको मिर्गी है उनके लिए कुछ जरूरी बातें

1) डॉक्टर के द्वारा दी गई दवाइयां सही समय पर खाएं ।

2) अपने पर्स में अपने घर वालों का फोन नंबर और एड्रेस जरूर रखें ।

3) अगर आप मिर्गी के मरीज है तो आपको ड्राइविंग करने से बचना चाहिए ।

4) मिर्गी के मरीजों को स्विमिंग पूल में जाने से बचना चाहिए और बात टब में भी नहाने से बचना चाहिए ।

5) मिर्गी के मरीज को किसी भी ऊंची बिल्डिंग में अकेले नहीं जाना चाहिए ।

6) मिर्गी के मरीज 7 से 8 घंटे की नींद रोज अवश्य लें ।

7) कोशिश करें कि आप तनाव में ना रहे और आपका मूड अच्छा हो और आप खुश रहें ।

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