Giloy ke fayde, upyog aur nuksan – गिलोय के 20 फायदे, उपयोग और नुकसान

गिलोय जिसका इस्तेमाल कई वर्षों से जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता रहा है । आयुर्वेद में कई दवाओं को बनाने में गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है । गिलोय एक बहुत ही औषधीय गुणों से भरा तत्व है जो शारीरिक समस्याओं को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में सक्षम है पर इस बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं । आज Healthkenuskhe के इस लेख में हम जानेंगे गिलोय क्या है, गिलोय के फायदे ( giloy ke fayde ), गिलोय का उपयोग कैसे करते हैं और गिलोय के क्या नुकसान हैं ( giloy ke nuksan ) | तो आइए सबसे पहले जानते हैं कि गिलोय क्या है उसके गुण क्या है।

गिलोय क्या है और गिलोय के गुण ?

गिलोय एक प्रकार का बेल होता है जो ज्यादातर जंगलों में ही पाया जाती है । इसका वर्णन कई वर्षों से आयुर्वेद में होता आया है । इसमें कई औषधीय गुण होते हैं जो बीमारियों को ठीक करने में सक्षम होती हैं । इसका वैज्ञानिक नाम तीनों स्पोरा का डिपो लिया है । गिलोय की सबसे खास बात यह है कि गिलोय खुद तो गुणकारी है ही पर साथ ही गिलोय की बेल जिस भी पेड़ में लिपट जाती है उसके गुण भी अपने अंदर ले लेती है जिसके कारण इसका फायदा और भी ज्यादा बढ़ जाता है तो आइए अब हम जानते हैं गिलोय के सेवन से कौन कौन से फायदे होते हैं ( giloy ke fayde )

giloy ke fayde

गिलोय के फायदे ( giloy ke fayde ) – 20 benefits of giloy in hindi

1) प्रतिरोधक क्षमता – प्रतिरोधक क्षमता जिसे अंग्रेजी में इम्यूनिटी भी कहा जाता है । यह एक प्रकार का कवच होता है जो शरीर की बैक्टीरिया, वायरस और विभिन्न बीमारियों से रक्षा करता है । यदि यह रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाए तो शरीर में तरह-तरह की बीमारियां आनी शुरू हो जाती हैं इसलिए भी इसका मजबूत रहना अति आवश्यक हो जाता है । गिलोय में इम्यूनोमोड्यूलेटरी प्रभाव होता है जो इम्यून सिस्टम यानी की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है ।

2) पाचनतंत्र – जब किसी व्यक्ति को डायरिया या फिर डिसेंट्री की समस्या हो जाती है तो आयुर्वेद में गिलोय का रस पिलाया जाता है ताकि डायरिया की समस्या ठीक हो सके और 2 से 3 दिन गिलोय के रस का सेवन करने से डायरिया ठीक भी हो जाती है ( giloy ke fayde ) । इससे पता चलता है कि गिलोय में पाचनतंत्र को मजबूत करने की कमाल की क्षमता होती है जो पाचनतंत्र को ना सिर्फ ठीक करती है बल्कि पेट के सारे कचरे और टॉक्सिन को बाहर निकाल सकती है ।

3) स्ट्रेस आज दुनिया में जैसे-जैसे लोगों के ऊपर काम, परिवार और अपने स्वास्थ्य का बोझ बढ़ रहा है उतना ही स्ट्रेस उनके दिमाग पर ज़्यादा पड़ रहा है । स्ट्रेस एक बहुत ही हानिकारक चीज होती है क्योंकि यह आपके खून में कॉर्टिसोल नाम के हार्मोन को बढ़ा देती है जो आपके शरीर को अंदर से जलाता है । यदि गिलोय का सेवन आप करते हैं तो यह कॉर्टिसोल की मात्रा को कम करने में आपकी मदद करता है जिसके कारण आप काफी अच्छा महसूस करते हैं और आपका मूड भी अच्छा रहता है । ये भी गिलोय के फायदे में से एक है |

4) सर्दी-जुकाम – कई लोगों को सर्दी-जुकाम और नजला की शिकायत होती है जिसमें बिना मौसम के उनके नाक हमेशा चालू रहते हैं ऐसे में उनका शरीर ठंडा हो जाता है जिसके कारण उनके साइनस में कुछ संक्रमण हो जाते हैं जिसके कारण उनकी नाक हमेशा बहती रहती है ऐसे में गिलोय आपकी मदद कर सकता है ( giloy ke fayde ) । गिलोय की तासीर गर्म होती है एवं यह आपको सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से तुरंत निजात दिलाता है ।

5) एलर्जी – एलर्जी का मतलब होता है कि किसी चीज से आपके शरीर को समस्या होना जैसे कि किसी को पराग कणों से एलर्जी होती है तो किसी को धूल-मिट्टी से एलर्जी होती है । यह अन्य लोगों पर निर्भर करता है पर यदि आप गिलोय का सेवन शुरू कर देते हैं तो यह आपके इम्यून सिस्टम को ठीक करता है और आपके एलर्जी के दोष को भी ठीक करने में आपकी सहायता करता है ( giloy ke fayde ) । आप सिर्फ 1 साल तक गिलोय का सेवन करें आपके एलर्जी की समस्या चाहे किसी भी हो जड़ से खत्म हो जाएगी ।

6) डायबिटीज/मधुमेह डायबिटीज के मरीज दिन-प्रतिदिन भारत में बढ़ते चले जा रहे हैं । एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल भारत में लगभग 10 लाख लोगों की मौत डायबिटीज से हो जाती है यानी कि यह एक साइलेंट किलर है जो धीरे-धीरे आपको मार सकता है । डायबिटीज को ठीक करने के लिए मेडिकल साइंस के पास अभी कोई इलाज नहीं है पर आयुर्वेद में इसका उपचार कई वर्षों पहले ही निर्धारित कर दिया गया है ।

यदि आप गिलोय का रस पीना शुरू करते हैं तो 1 से 2 साल में आपका पेनक्रिएटिक ग्लैंड फिर से एक्टिव हो जाता है और इंसुलिन बनाना शुरु कर देता है जिसके कारण आपके डायबिटीज की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है हालांकि अपने खानपान और अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान जरूर रखें और कसरत रोज करें । ये भी गिलोय के फायदे में से एक है |

7) बुखार – कई बार बदलते मौसम या ज्यादा भागदौड़ करने की वजह से अचानक बुखार आ सकता है और यह समस्या काफी गंभीर भी हो सकती है । इस अवस्था में शरीर का तापमान बढ़ जाता है और उल्टी दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं । इस परिस्थिति में गिलोय का रस काफी फायदेमंद होता है ( giloy ke fayde ) । सिर्फ 1 से 2 दिन में गिलोय आपके तेज़ बुखार को भी ठीक करने में सक्षम होता है हालांकि आपको बुखार के समय डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ।

8) डेंगू – पिछले कुछ सालों में भारत में डेंगू बुखार की समस्या ने काफी तेजी पकड़ी है । पिछले साल भारत में लगभग 55000 लोग डेंगू से पीड़ित थे और 138 लोगों की मृत्यु हुई थी । डेंगू एक बीमारी है जो डेंगू मच्छरों से फैलता है और जिसमें काफी तेज बुखार, उल्टी-दस्त, सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं ।

इस अवस्था में हॉस्पिटल में एडमिट होना बहुत जरूरी होता है पर डेंगू जैसी बड़ी समस्या को भी हल करने में गिलोय काफी कारगर होता है । यदि दिन में दो बार गिलोय का रस मरीज को पिलाया जाए तो डेंगू 10 से 15 दिन में खत्म हो जाता है हालांकि साथ मे डॉक्टर के द्वारा दी गई दवा को बिल्कुल न छोड़ें । ये भी गिलोय के फायदे में से एक है |

9) जॉन्डिस/पीलिया – पीलिया जिसे अंग्रेजी में जॉन्डिस भी कहा जाता है । यह एक प्रकार की बीमारी है जिसमें शरीर में खून की कमी हो जाती है और शरीर पीला पड़ जाता है । यह बीमारी लिवर डिसऑर्डर की वजह से होती है । खराब खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण यह समस्या ज्यादा होती है । जॉन्डिस की अवस्था में गिलोय बहुत ही कारगर होता है और यदि आप गिलोय का सेवन प्रतिदिन करना शुरू करेंगे तो 15 से 20 दिन में आपके जॉन्डिस की समस्या खत्म हो जाएगी ।

10) अस्थमा/दमा – दमा के मरीज अथवा वह मरीज जिन्हें सांस लेने की समस्या होती है उन लोगों के लिए भी गिलोय बहुत ही फायदेमंद होता है ( giloy ke fayde ) । गिलोय में एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण होते हैं जो रेस्पिरेटरी सिस्टम को रिपेयर करता है और फेफड़ों के संक्रमण को कम करने में मदद करता है । यदि नियमित रूप से गिलोय का सेवन 1 से 2 साल किया जाए तो यह अस्थमा जैसी बड़ी बीमारी को भी उखाड़ कर फेंक सकता है ।

11) आखों की रोशनी गिलोय में विटामिन-A की समृद्ध मात्रा होती है एवं यह एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से समृद्ध होता है । आयुर्वेद में आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए गिलोय से बने कई सूत्र बताए गए हैं । यदि आप गिलोय के रस को शहद के साथ मिलाकर कुछ महीनों तक सेवन करें तो यह आपकी आंखों की रोशनी में बहुत तेजी से वृद्धि लेकर आ सकती है ( गिलोय के फायदे )

12) एनीमिया/रक्ताल्पता – एनीमिया एक ऐसी प्रकार की बीमारी है जिसमें पूरे शरीर में खून की भारी कमी हो जाती है । इस वजह से थकान, कमजोरी, शरीर में पीलापन, वजन का घटना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं । शरीर में यदि खून की कमी हो तो किसी भी काम में मन नहीं लगता एवं शरीर कमजोर होता चला जाता है । ऐसे में गिलोय का सेवन करने से आपके शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ती है और धीरे-धीरे एनीमिया की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है । यदि आपको एनीमिया है तो सिर्फ 2 महीने तक गिलोय के रस का सेवन शहद मिलाकर करें आपको बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे ।

13) गठिया – गठिया एक प्रकार की बीमारी है जिसमें हड्डियों के बीच में काफ़ी असहनीय दर्द होता है । यह बीमारी ज्यादातर महिलाओं में देखी जाती है पर गिलोय के सेवन से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है । यदि आप नियमित रूप से गिलोय का सेवन करते हैं तो आपकी गठिया की समस्या धीरे-धीरे करके खत्म हो जाती है और दर्द में भी कमी आती है ।

14) जोड़ों का दर्द – जिस प्रकार गठिया में गिलोय फायदा पहुंचाता है उसी प्रकार जोड़ों के दर्द में भी गिलोय बहुत ही फायदेमंद होता है ( giloy ke fayde ) । शरीर में कैल्शियम की कमी होने की वजह से और उम्र बढ़ने की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती है और लिगामेंट्स की इलास्टिसिटी भी कमज़ोर होने लगती है जिसके कारण जोड़ों का दर्द बढ़ता है ऐसे में गिलोय का सेवन हड्डियों एवं जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक होता है ।

15) लिवर डिसऑर्डर – लिवर एक ऐसा ऑर्गन होता है जो यदि ना रहे तो उसके बिना इंसान जिंदा नहीं रह सकता क्योंकि लिवर बाइल जूस बनाता है जिससे खाना पचता है पर जिस प्रकार का तला-भुना और जंक फूड आज के समय मे लोग खाने लगे हैं लीवर की समस्याएं बढ़ती चली जा रही है ( गिलोय के फायदे )

ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से लीवर टॉक्सिन से भर जाता है और लीवर बीमार पड़ जाता है । इस वजह से कई प्रकार की समस्याएं जैसे कि पेट में दर्द, पेट में गैस, अपच, एसिडिटी जैसी समस्याएं आने लगती हैं । ऐसे में गिलोय का रस पीने से लिवर डिटॉक्सिफाई होता है और लिवर ठीक होने लग जाता है ।

16) बवासीर – बवासीर का बहुत ही अच्छा इलाज है गिलोय । बवासीर एक ऐसी प्रकार की बीमारी है जिसमें मल त्याग करने के रास्ते में फोड़े हो जाते हैं और जो बहुत ही असहनीय दर्द देते हैं और समय समय पर इससे खून भी निकलता है । बवासीर के कारण बैठने में भी काफी दिक्कत होती है पर आपको चाहे कितना ही पुराना बवासीर क्यों ना हो आप बस रोज सुबह खाली पेट में गिलोय के रस का सेवन शुरू करें 2 से 3 सालों में यह आपके बवासीर को जड़ से खत्म कर देता है ।

17) मूत्र विकार – कई बार मूत्र में विकार आ जाते हैं जैसे कि मूत्र में खून, मूत्र से ज्यादा दुर्गंध, सफेद तरल निकलना आदि । अगर आपको इस प्रकार की कोई भी समस्या है तो आप गिलोय का सेवन करना शुरू करें । गिलोय आपकी इन सारी समस्याओं को खत्म कर देगा ( giloy ke fayde )

18) वात दोष – चरक संहिता में वात, पित्त और कफ दोषों का वर्णन किया जाता है । इन तीनों में से वात दोष को सबसे ज्यादा अहम माना जाता है क्योंकि यही दोष पाचन के लिए जिम्मेदार होता है । यदि आपका वात दोष बढ़ जाए तो आपका पाचन तंत्र ठीक नहीं रहेगा । पेट में गैस की समस्या होगी, बाल झड़ने लगेंगे और आपका शरीर भी बीमारियों से ग्रस्त होने लगेगा ।

ऐसे में अपने वात को ठीक रखना बहुत जरूरी होता है इसके लिए आप अपनी खानपान की आदतों को ठीक करें सही समय पर सोएं और यदि आपका वात दोष बहुत ज्यादा बढ़ गया है तो आप गिलोय का सेवन करना शुरू करें यह आपके वाद दोष को 3 महीने में बिल्कुल ठीक कर देगा ( giloy ke fayde )

19) बढ़ती उम्र – बढ़ती उम्र के साथ-साथ चेहरे पर भी बुढ़ापा दिखाई देने लगता है ऐसे में यदि आप अपना खानपान सही रखें और सही नींद ले तो आपका चेहरे पर बुढ़ापा कम से कम नजर आता है पर जिस प्रकार की दिनचर्या और स्ट्रेस लोगों के जीवन में है ऐसा मुमकिन नहीं हो पाता इसलिए आप गिलोय का सेवन करना शुरू करें यह आपके बुढ़ापे को काफी समय के लिए आपके चेहरे पर आने से रोक कर रखेगा क्योंकि इसमें एंटी एजिंग गुण होते हैं जो आपको लंबे समय तक जवान बनाए रखने में मदद करता है ।

20) यौन शक्ति – जब बुढ़ापा आता है तो यौनशक्ति धीरे-धीरे कम होनी शुरू हो जाती है जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि यह आपके बुढ़ापे को रोक कर रखता है और आपको लंबे समय तक जवान बनाए रखता है तो इसका यह अर्थ भी है कि यह आपकी यौन शक्ति को बढ़ाता है और यदि आप बूढ़े हो रहे हैं तो आपकी यौन शक्ति को बचा कर रखता है ( giloy ke fayde ) । यदि आपको स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता जैसी समस्याएं हैं तो आप गिलोय का सेवन करना शुरू करें आपकी बीमारी शर्तिया ठीक हो जाएगी ।

गिलोय का उपयोग

गिलोय का उपयोग – giloy ka upyog

गिलोय का उपयोग करने के कुछ तरीके है तो आइए उनके बारे में जानते हैं ।

1) गिलोय के पत्ते एवं तने को अच्छी तरह धोकर उसे पीस लें और उसका रस निकाल ले 20 से 30 ml रोज दिन में 2 बार गिलोय के रस का सेवन करें ।

2) गिलोय के पत्ते एवं तानों को पानी में उबाल लें और इसका काढ़ा बनाकर भी आप पी सकते हैं 20 से 30 ml काढ़ा दिन में 2 बार पीना शुरू करें ।

गिलोय के नुकसान

गिलोय के नुकसान – giloy ke nuksan

गिलोय बहुत ही गुणकारी है जिसके कई फायदे हैं और हमने इसके 20 फायदे ( giloy ke fayde ) आपको ऊपर बताएं पर जैसा की प्रकृति का नियम है की चाहे कितनी भी गुणकारी चीज क्यों ना हो अगर उसका जरूरत से ज्यादा उपयोग करोगे तो नुकसान अवश्य होगा उसी प्रकार यदि आप गिलोय को जरूरत से ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करेंगे तो आपको नीचे बताए गए नुकसान हो सकते हैं ( giloy ke nuksan )

1) डायबिटीज के मरीजों के लिए इसकी सही मात्रा में सेवन करना बहुत जरूरी है 20 से 30 ml दिन में 2 बार डायबिटीज के मरीज के लिए काफी है । यदि एक डायबिटीज का मरीज इससे ज्यादा खुराक का सेवन करता है तो उसके रक्त में ब्लड शुगर की मात्रा बेहद कम हो सकती है जो खतरनाक साबित भी हो सकता है ( giloy ke nuksan )

2) पाचन तंत्र के लिए गिलोय बहुत ही फायदेमंद होता है पर क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है यदि आप इसका भी ज्यादा मात्रा में सेवन करेंगे तो यह आपको पेट में जलन, पेट में दर्द, अपच, एसिडिटी जैसी समस्याएं दे सकती है ।

3) छोटे बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और बच्चे का पाचन तंत्र इसे पचा पाने में सक्षम नहीं होता । यदि आपका बच्चा 10 साल से बड़ा है तभी गिलोय का सेवन कराएं अथवा बिल्कुल ना कराएं । ये भी गिलोय के नुकसान में से एक है |

4) गर्भवती महिलाओं को भी गिलोय का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और यह बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है यदि इसकी अधिक मात्रा का सेवन किया जाए तो यह बच्चे के लिए नुकसानदायक होगा ( giloy ke nuksan )

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