सरसों के तेल के फायदे – 20 Benefits of Mustard Oil in Hindi

क्या होता है सरसों का तेल ( sarso ka tel ) ?

Healthkenuskhe के इस लेख में आज हम बताएंगे सरसों के तेल के फायदे जिसे जानने के बाद आप आज से ही सरसों के तेल का इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे । सरसों का तेल एक प्रकार का वेजिटेबल ऑयल है । जिसे सरसों के दानों से निकाला जाता है । सरसों का वैज्ञानिक नाम ब्रासिका जुंसा है और इसे अंग्रेजी में मस्टर्ड ऑयल कहा जाता है । सरसों के तेल का इस्तेमाल ज्यादातर भारत में ही सदियों से होता आया है और यह रिफाइंड ऑयल एवं कई अन्य तेलों से ज्यादा उपयोगी एवं फायदेमंद माना जाता है ।

सरसों का तेल सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के कई तकलीफों को दूर करने में भी काम आता है । सरसों के दाने का रंग हल्का भूरा एवं पीला होता है और इसी दाने को मशीन में डालकर पीसा जाता है । पीसने पर इन दानों से जो तेल निकलता है उसे सरसों का तेल कहा जाता है जिसका इस्तेमाल भारत में अनेकों रूप में किया जाता है ।

सरसों तेल के प्रकार

सरसों तेल के प्रकार

1) कच्ची घानी सरसों तेल – कच्ची घानी सरसों तेल उस सरसों तेल को कहा जाता है जो डायरेक्ट सरसों के बीजों को पीसकर निकाला जाता है और डब्बे में बंद करके मार्केट में बेच दिया जाता है । इसमें किसी भी प्रकार का प्रिजर्वेटिव और केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता और यह खाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है ।

2) रिफाइंड सरसों तेल – रिफाइंड सरसों तेल उस सरसों तेल को कहा जाता है जिसे सरसों को पीसकर निकालने के बाद इसे अच्छी तरह से रिफाइंड किया जाता है और इसकी अशुद्धियों को निकाला जाता है । इसमें प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं ताकि यह जल्दी खराब ना हो सके और इसमें कुछ केमिकल्स की मदद से इसकी खुशबू को भी बदला जाता है आज के समय में ज्यादातर कंपनियां रिफाइंड सरसों तेल ही बेच रही है जो उतना ज्यादा फायदेमंद नहीं रह गया ।

सरसों के तेल के फायदे

सरसों के तेल के फायदे – sarso ke tel ke fayde in hindi

1) दर्द निवारक – जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द एवं गठिया के दर्द में सरसों के तेल का इस्तेमाल सदियों से भारत में होता आ रहा है । सरसों के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो एक बहुत ही बेहतरीन एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व होता है और यह दर्द निवारक माना जाता है सरसों के तेल में लहसुन को गर्म करके यदि आप निरंतर अपने शरीर की मालिश करते हैं तो रक्त का प्रवाह बाधित नहीं होता और आपके शरीर के दर्द का निवारण भी होता है ।

2) सर्दी-खांसी – ठंड के मौसम में सर्दी-खासी एक आम समस्या है ( सरसों के तेल के फायदे ) । इसके लिए लोग कई उपाय करते हैं पर यदि आप रात में सोने से पहले सरसों के तेल में लहसुन को डालकर यदि अपने पूरे शरीर की अच्छी तरह से मालिश करते हैं तो यह आपके शरीर के तापमान को बढ़ा देता है और आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है । जिसके कारण आपकी सर्दी और खांसी खुद ब खुद ठीक होने लग जाती है । आप चाहे तो सरसों के तेल को गर्म करके दो दो बूंद अपनी नाक में भी डाल सकते हैं ऐसा करने से भी सर्दी और बंद नाक में आराम मिलता है ।

3) कान की सफाई – कान की सफाई जो करते रहना चाहिए ताकि हमारे कान हमेशा स्वस्थ रहें । कान की सफ़ाई में भी सरसों तेल एक बहुत ही काम की चीज मानी जाती है । कई वर्षों से सरसों के तेल से कान की सफाई करने का चलन है और इस तरीके से हमारा काम अच्छी तरह साफ भी हो जाता है और इसका नुकसान भी नहीं होता ।

सरसों तेल से कान को साफ करने के लिए आप अपने दोनों कान में सरसों का तेल डाल दें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें । अब एक ईयर क्लीनर की मदद से अपने कान की सफाई कर ले । सरसों के तेल के प्रभाव से सारी गंदगी उस ईयर क्लीनर में चिपक जाएगी और आपके कान आसानी से साफ हो जाएंगे ।

4) बालों को करे मजबूत – बालों के लिए भी सरसों का तेल बहुत ही फायदेमंद होता है ( सरसों के तेल के फायदे ) । सरसों तेल में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड बालों को पोषण प्रदान करता है एवं झड़ने से रोकता है । सरसों तेल बहुत ही अच्छा एंटी बैक्टीरियल तत्व भी माना जाता है जिसके कारण यह स्कैल्प में संक्रमण नहीं होने देता । यदि आप सरसों के तेल का इस्तेमाल अपने बालों पर करते हैं तो आपके बाल हमेशा स्वस्थ रहते हैं और आपको बालों से जुड़ी समस्याएं कम ही होती है । ये भी पढ़ें – Best Hair fall treatment in hindi |

5) सफ़ेद बाल – अगर आपके बाल समय से पहले ही सफेद हो रहे हैं तो इसमें भी सरसों तेल आपकी काफी सहायता कर सकता है । सरसों तेल में विटामिन-C होता है जो आपके बालों को पोषण प्रदान करता है और कुदरती काला बनाता है । इसके लिए आप रात में सोने से पहले अपने बालों की मालिश सरसों के तेल से करें और सुबह जब आप उठे तो शैंपू और कंडीशनर कर ले । 1 सप्ताह में दो से तीन बार इस प्रक्रिया को निभाए आपके सफेद बाल कुदरती काले होने लग जाएंगे । ये भी पढ़ें – Bal kale karne ka natural tarika |

6) रूसी करे ठीक – ठंड के दिनों में रूसी की समस्या ज्यादा पैर पसारती है पर रूसी की समस्या से भी निजात दिलाने में सरसों तेल सक्षम है क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपके स्कैल्प को मॉइश्चराइज कर देते हैं ( सरसों के तेल के फायदे ) ।  जिसके कारण रूसी की समस्या ठीक हो जाती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप बराबर मात्रा में सरसों तेल और नारियल तेल मिला दे और इस तेल से अपने बालों की मालिश करें और 1 से 2 घंटे बाद अपने बालों को शैंपू कर लें यदि आप सप्ताह में दो से तीन बार ऐसा करते हैं तो आपकी रूसी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी ।

7) दांतों के लिए फायदेमंद सरसों के तेल में नमक मिलाकर इसे अपने दांतो को अपनी उंगली की सहायता से मंजन करें ( सरसों के तेल के फायदे ) । सरसों एवं नमक के प्रभाव से आपके दांतों के बैक्टीरिया मर जाते हैं एवं यह दांतों में मौजूद गंदगी को भी साफ कर देते हैं । यदि आप सरसों के तेल को अपने मुंह में भर कर इससे कुल्ला करते हैं तो आपको मुंह से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती ।

इस प्रक्रिया को ऑयल पुलिंग भी कहते हैं । विज्ञान में भी ऑयल पुलिंग को बहुत ही कारगर माना गया है । सरसों के तेल से ऑयल पुलिंग करने से आपके जीभ के द्वारा शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और आपका शरीर डिटॉक्स होता है ।

8) नाभि मे डालकर उठाएँ लाभ – आयुर्वेद में इस बारे में काफी संक्षिप्त में बताया गया है । यदि आप रात में सोते समय अपनी नाभि में एक से दो बूंद सरसों का तेल डालते हैं तो आपको कई शारीरिक फायदे होते हैं ( सरसों के तेल के फायदे ) । ऐसा करने से आपकी एड़ियां नहीं फटती, आपके होंठ नहीं फटते, आपके बाल मुलायम एवं घने बने रहते हैं और आपकी त्वचा चमकदार बनी रहती है ।

9) त्वचा के लिए फायदेमंद – सरसों के तेल में विटामिन-C और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो आपकी त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है ( सरसों के तेल के फायदे )। आयुर्वेद में एक तरीका बताया गया है जिसमें आप सरसों के तेल की मदद से अपनी त्वचा को और भी ज्यादा चमकदार बना सकते हैं । इसके लिए आप नहाने से 1 घंटे पहले अपने पूरे शरीर की मालिश सरसों के तेल से करें और फिर नहा लें । यदि आप निरंतर ऐसा करते रहेंगे तो आपकी त्वचा ज्यादा चमकदार और खूबसूरत बनेगी । जानिए – Face fairness tips in hindi |

10) एंटी एजिंग – सरसों तेल में एंटी एजिंग गुण भी पाए जाते हैं । सरसों के तेल से अपनी त्वचा की मालिश करने से यह आपकी त्वचा की कसावट को बढ़ाता है और आपकी झुर्रियों को कम करता है । जिसके कारण आप अपनी उम्र से ज्यादा जवान दिखते हैं और आपकी त्वचा खूबसूरत एवं चमकदार बनी रहती है ।

11) वज़न करे कम तेल से वजन कम होता है ऐसा शायद ही आपने कभी सुना हो पर सरसों का तेल एक ऐसा तेल है जो रक्त में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है । साथ ही चर्बी को घटाने में भी सहायता करता है जिसके कारण आपका वजन कम होता है । यदि आप किसी अन्य तेल को छोड़कर सरसों के तेल का इस्तेमाल अपने भोजन में करना शुरू कर दें तो यह आपको वजन घटाने में काफी सहायता कर सकता है ।

12) सिर दर्द – यदि आपके सिर में दर्द रहता है तो इसमें भी सरसों तेल फायदेमंद होता है ( सरसों के तेल के फायदे ) | सिर दर्द से निपटने के लिए आप सरसों के तेल को हल्का गर्म करें और उसे अपने बालों पर लगाकर अच्छी तरह मसाज करें सरसों के तेल के औषधीय प्रभाव से सिर दर्द में काफी राहत मिलती है । नाक में 2-2 बूंद सरसो का तेल डालने से भी इर दर्द में राहत मिलती है ।

13) भूख बढ़ाए – सरसों का तेल पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है । आंतों की सफाई करने में सहायता करता है एवं मेटाबॉलिज्म रेट को भी बढ़ाता है । जिसके कारण आपका पाचन तंत्र तेजी से काम करने लगता है और आपकी भूख भी बढ़ जाती है । भूख बढ़ने के कारण आप जो भी खाते हैं आपके शरीर को अंग लगता है और आपका शरीर ताकतवर एवं मजबूत बनता है ।

14) प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए – सरसों के तेल से आपकी इम्युनिटी बढ़ती है । इम्यूनिटी का मतलब होता है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जो अनेक बीमारियों से शरीर की रक्षा करती है । हाल ही के एक रिसर्च में पाया गया कि भारत के लोगों की प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत है और इसका कारण है भारत में कई वर्षों से इस्तेमाल होने वाला सरसों के तेल का प्रभाव जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है ।

15) फटे होंठ का इलाज – यदि आपके होंठ फटते हैं या आप की एड़ियां फटती है तो आप इसे अपने होठों पर लगा सकते हैं । यह आपकी फटी एड़ियां और होठों को ठीक करने में सहायता करती है । आप चाहे तो रोज दो बूंद सरसों तेल अपनी नाभि में डाल सकते हैं ( सरसों के तेल के फायदे ) । सरसों तेल के प्रभाव से आपके होंठ नहीं फटते और आपकी एड़िया भी मुलायम बनी रहती हैं ।

16) हृदय को रखे स्वस्थ – हृदय के लिए सरसों का तेल बहुत ही लाभकारी होता है । आपने अवश्य सुना होगा कि अधिक तेल का सेवन करना हृदय के लिए घातक होता है पर सरसों के तेल के मामले में यह बात उल्टी है । इसमें मौजूद omega-3 फैटी एसिड और इसके औषधीय तत्व रक्त में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और शरीर में ब्लड क्लोटिंग नहीं होने देते जिसके कारण आपका हृदय स्वस्थ रहता है और आपको हार्ट अटैक जैसी समस्याएं नहीं होती ।

# आपको जानकर हैरानी होगी पर जब तक भारत में हर घर में सरसों के तेल का सेवन किया जाता था उस समय भारत में हार्ट अटैक की समस्या ना के बराबर थी पर जैसे ही यह विदेशी कंपनियां सोयाबीन का तेल लेकर आए तब से भारत में हार्ट अटैक की संख्या लगातार बढ़ती ही रही ( सरसों के तेल के लाभ ) | यदि आप भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं तो आपको सोयाबीन के तेल का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए और इसके जगह पर आप सरसों के तेल का सेवन करें आप हृदय की बीमारियों से बचे रहेंगे ।

17) याद्दाश्त बढ़ाए – ओमेगा 3 फैटी एसिड दिमाग को तेज करने के लिए बहुत जरूरी होता है । ओमेगा 3 फैटी एसिड सरसों तेल में प्रचुर मात्रा में होता है जिसके कारण यह आपके ब्रेन फंक्शन को बढ़ा देता है एवं आपकी याददाश्त को तेज करता है 5 साल के बच्चों को सरसों के तेल में बना भोजन खिलाना चाहिए और सरसों के तेल से उनकी मालिश भी करनी चाहिए ऐसा करने से उनका दिमाग भी तेज होता है और उनका शरीर भी चुस्त होता है ( सरसों के तेल के लाभ )

18) कैंसर – साउथ डकोटा यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में पाया गया कि सरसों का तेल कोलोन कैंसर से लड़ने में काफी प्रभावी है । कुछ चूहों पर इस रिसर्च को किया गया जिसमें मछली के तेल और सरसों के तेल का इस्तेमाल हुआ । जब यह रिसर्च किया गया तो पता चला कि कोलोन कैंसर को खत्म करने में मछली के तेल से ज्यादा सरसों का तेल प्रभावी है । यानी कि यदि आप सरसों के तेल का सेवन नियमित रूप से करते हैं तो आप कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से भी बच सकते हैं । ये है कैंसर के लक्षण |

19) अस्थमा – सरसों का तेल रेस्पिरेट्री सिस्टम के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है ( सरसों के तेल के फायदे ) । यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है एवं रेस्पिरेट्री सिस्टम में मौजूद सारे बलगम को बाहर निकाल देता है जिसके कारण अस्थमा के मरीजों को सरसों के तेल से बहुत फायदा होता है । अक्सर डॉक्टर भी अस्थमा के मरीजों को सरसों के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं । हम यह बिल्कुल नहीं कहते कि सरसों के तेल से अस्थमा ठीक हो जाता है पर अस्थमा से लड़ने में सरसों का तेल बहुत ही प्रभावी होता है ।

20) एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल – ऐसा शायद ही कोई अन्य तेल होगा जिसमें एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल यह तीनों गुण पाए जाते होंगे । सरसों का तेल बेहद औषधीय गुणों से भरा तिल होता है जिसके फायदे अनेक होते हैं ( सरसों के तेल के फायदे ) और नुकसान बहुत कम ।

यदि आप भारत में रहते हैं तो आपको सरसों के तेल का इस्तेमाल ही करना चाहिए । सरसों का तेल इस्तेमाल करने से आप बैक्टीरियल, वायरल और फंगल इंफेक्शन से बचे रहते हैं । यदि आप सरसों के तेल का इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते हैं तो आपको त्वचा से संबंधित समस्याएं नहीं होती ।

सारसो तेल खाने से पहले जान लो ये बातें

सारसो तेल खाने से पहले जान लीजिये ये बातें

1) आज के समय में मार्केट में काफी नकली सरसों तेल मिल रहे हैं जो आपको फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचाती है इसलिए कोशिश करें कि आप अच्छी क्वालिटी का सरसों तेल ही बाजार से खरीदें |

2) हमेशा सरसों कच्ची घानी का तेल इस्तेमाल में लाएं | रिफाइंड सरसों तेल का इस्तेमाल ना करें क्योंकि रिफाइंड सरसों तेल के औषधीय गुण खत्म हो चुके होते हैं और यह आपको ऊपर बताए गए फायदे नहीं देती |

3) यदि आप सोयाबीन के तेल का इस्तेमाल करते हैं तो आज से ही इस तेल का सेवन करना छोड़ दें क्योंकि यह तेल हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है । आज से ही सोयाबीन के तेल का सेवन का तिरस्कार करके सरसों के तेल का इस्तेमाल शुरू करें, आपका परिवार स्वस्थ रहेगा ।

Leave a Comment