मुंह के कैंसर के उपचार और कारण, ये है इसके 10 लक्षण ( symptoms )

मुंह के कैंसर की संख्या भारत मे काफी तेजी से बढ़ी है । आंकड़ों की माने तो भारत में हर एक लाख व्यक्ति में से 20 लोगों को मुंह का कैंसर है जो कि सभी प्रकार के कैंसर का 30% हिस्सा है । मुंह के कैंसर के कारण भारत में हर रोज 5 से अधिक लोग मरते हैं । कैंसर पंजीकरण भारत में अनिवार्य नहीं है इसलिए सच्ची घटनाएं और मृत्यु दर ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि कई मामले रिकॉर्ड ही नहीं कराए जाते हैं । आज हम आपको मुँह के कैंसर के लक्षण, कारण और मुंह के कैंसर के उपचार बताएँगे |

भारत में होने वाली मुंह के कैंसर से मृत्यु का एक तिहाई हिस्सा तंबाकू के उपयोग के कारण होता है पर यह जरूरी नहीं कि सिर्फ तंबाकू का उपयोग करने वाले ही मुंह के कैंसर का शिकार बने । यह किसी को भी हो सकता है बस जरूरत है तो इसे पहचान कर सही समय पर इसका इलाज करने की तो आइए जानते हैं मुंह का कैंसर क्या है ।

मुंह का कैंसर क्या है ?

मुंह के अंदर होने वाले कैंसर को मौखिक कैंसर तथा ओरल कैंसर कहा जाता है । इसका इलाज आसानी से हो सकता है यदि फर्स्ट स्टेट में हि इसका पता चल जाए । एक डेंटिस्ट मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को समझ लेते हैं और मुंह के कैंसर के फर्स्ट स्टेज में डेंटिस्ट भी इसका इलाज कर सकते हैं । मुंह का कैंसर जिसमें मुंह की परत, जीभ, होंठ, नरम तालु, साइनस और गले के कैंसर भी शामिल है । यदि इनका सही समय पर उपचार न किया जाए तो यह कैंसर जानलेवा भी हो सकते हैं ।

एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी की वह लोग जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अर्थात इम्यून सिस्टम कमजोर होता है उन लोगों में मुंह के कैंसर के होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है । एक स्टडी में यह भी पाया गया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में मुंह के कैंसर का जोखिम 2 गुना ज्यादा होता है । 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को मुंह के कैंसर होने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है । धूम्रपान और तंबाकू का उपयोग मुंह के कैंसर का सबसे मुख्य कारण है ।

मुंह के कैंसर के लक्षण

मुंह के कैंसर के लक्षण

1) मुंह के अंदर दर्द – अगर आपके मुंह के अंदर किसी हिस्से में बिना वजह दर्द हो और यह दर्द ठीक ना हो रहा हो तो यह मुंह के कैंसर का लक्षण हो सकता है ।

2) होंठ एवं मसूड़ों में सूजन – दांत दर्द एवं मसूड़ों में कभी कबार सूजन आना एक आम सी बात है पर यदि यह सूजन लंबे समय तक रहे और ना जाए तो यह चिंता का विषय है क्योंकि ऐसे लक्षण मुंह के कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं ।

3) खून बहना – यदि आपके मुंह से बिना किसी वजह के खून निकलता है तो यह भी मुँह के कैंसर के लक्षण में से एक माना जाता है ।

4) मुंह के अंदर गांठ – मुंह के अंदर किसी प्रकार की गांठ या गिल्टी हो तो उसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि आगे चलकर यह गांठ कैंसर में तब्दील हो सकती है ।

5) मुंह के अंदर घाव अथवा छाले – यदि आपके मुंह के अंदर घाव अथवा छाले पड़ गए हैं और वह ठीक नहीं हो रहे तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर से जाकर अपना चेकअप कराना चाहिए क्योंकि यह भी मुँह के कैंसर के लक्षण में से एक है ।

6) निगलने में परेशानी अथवा दर्द – अगर आपको खाना निगलने में परेशानी हो रही है अथवा दर्द का भी सामना करना पड़ रहा है तो यह भी गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है ।

7) आवाज में बदलाव – कई बार गला बैठने के कारण आवाज में बदलाव हो जाता है पर समय के साथ गला ठीक भी हो जाता है पर यदि आपकी आवाज में बदलाव आने के बाद यह ठीक नहीं हो रहा तो यह गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है ।

8) बोलने या जीभ को हिलाने में दिक्कत – यदि बिना किसी वजह आपको बोलने में या जीभ हिलाने में दिक्कत हो रही है तो यह भी मुँह के कैंसर के लक्षण में से एक है ।

9) वजन घटना – यदि बिना एक्सरसाइज या दवा के अचानक से वजन घटने लग जाए तो यह 2 बीमारियों का संकेत देते हैं पहला डायबिटीज और दूसरा कैंसर इसलिए आपको तुरंत अपना चेकअप कराना चाहिए । अगर आप वजन घटना चाहते है तो इसे पढ़ें – Motapa kam karne ke upay |

10) दर्द होने पर ऐसा महसूस होना कि गले के पिछले हिस्से में कुछ फंसा है – ज्यादातर गले के कैंसर के मामलों में देखा गया है कि गले में दर्द होता है और ऐसा महसूस होता है कि गले के पिछले के हिस्से में कुछ फंसा हुआ है ।

मुंह के कैंसर के कारण

मुंह के कैंसर के कारण

1) धूम्रपान – एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग सिगरेट, सिगार या पाइप से धूम्रपान करते हैं उन लोगों में मुंह का कैंसर होने की संभावना 6 गुना ज्यादा बढ़ जाती है ।

2) तंबाकू – जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं उन लोगों में गाल, मसूड़ों और होठों का कैंसर होने की संभावना 50 गुना ज्यादा बढ़ जाती है । इसलिए टीवी पर भी तंबाकू का सेवन करने से मना किया जाता है क्योंकि तंबाकू एक सबसे बड़ा मुंह का कैंसर कारक तत्व है ।

3) शराब – जो लोग ज्यादा शराब का सेवन करते हैं उन्हें अन्य शारीरिक नुकसान तो होता ही है  साथ ही उन लोगों में भी मुंह के कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है ।

4) प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना – एक स्टडी में पाया गया कि मुंह का कैंसर उन पुरुषों में ज्यादा होता है जो 52 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं क्योंकि ऐसे पुरुषों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ।

5) पारिवारिक इतिहास – यदि आपका पारिवारिक इतिहास मुंह के कैंसर का रहा है तो यह संभावना है कि आपको भी आगे चलकर मुंह का कैंसर हो सकता है अगर आप इस पर विशेष ध्यान ना दें ।

6) धूप का अधिक प्रभाव – धूप से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों की वजह से भी मुंह का कैंसर होता है । जो लोग ज्यादा धूप में रहते हैं और ज्यादा अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव में रहते हैं ऊपर से उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो तो वह मुँह के कैंसर अथवा कई अन्य प्रकार के कैंसर का शिकार बन सकते हैं |

7) मुंह की गंदगी – मुंह की गंदगी को अच्छी तरह से रोज साफ ना करना भी कैंसर पनपने का एक बड़ा कारण बन सकता है । इसलिए भी डॉक्टर कहते हैं कि हर रोज दो बार ब्रश करना चाहिए और अपने मुंह की अच्छी तरह सफाई करनी बेहद जरूरी है ।

8) ओरल सेक्स – कई वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि ओरल सेक्स मुंह के कैंसर के होने का एक कारण हो सकता है ।

mouth cancer treatment in hindi

मुंह के कैंसर के उपचार – mouth cancer treatment in hindi

1) धूम्रपान छोड़ें – यदि आप सिगरेट पीते हैं या किसी प्रकार का भी धूम्रपान करते हैं तो आप उसे तुरंत छोड़ दें क्योंकि धूम्रपान मुंह के कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है और दुनिया में एक तिहाई मुंह अथवा लंग के कैंसर के मरीज धूम्रपान करते थे ( मुंह के कैंसर के उपचार )

2) तंबाकू एवं गुटखा तुरंत छोड़ें – सरकार के लगातार प्रयासों के बाद भी गुटके का सेवन कम नहीं हुआ है यह देखा गया है कि जो लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है एवं जिनमें शिक्षा का अभाव है और वह तंबाकू के दुष्परिणाम नहीं जानते उन लोगों में ही तंबाकू एवं गुटके का सेवन ज्यादा होता है पर ऐसे ही लोगों में मुंह का कैंसर भी ज्यादा फैलता है ( मुंह के कैंसर के उपचार )

3) सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचें – कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सूरत से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणें कैंसर कारक होती है और जो लोग ज्यादा धूप में रहते हैं उन लोगों में कैंसर होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है ( मुंह के कैंसर के उपचार ) । इसलिए जब भी आप धूप में निकले अपने शरीर को ढक कर रखें और अपने मुंह को धूप से बचा कर रखें ।

4) ओरल सेक्स – कुछ वैज्ञानिकों ने ओरल सेक्स को भी मुंह के कैंसर के होने का एक कारण बताया है इसलिए ऐसा करने से भी बचें ।

5) महीने में एक बार जरूर करें परीक्षण – महीने में एक बार अपने मुंह के अंदर शीशे से जरूर झांके की आपके मुंह के अंदर किसी प्रकार का बदलाव तो नहीं है और सब ठीक चल रहा है या नहीं ( मुंह के कैंसर के उपचार ) । यदि आप हर महीने अपने मुंह का परीक्षण करते ही रहेंगे तो आपको आपके मुंह के अंदर होने वाले बदलाव का पता चलता रहेगा और आप तुरंत डॉक्टर से जाकर फर्स्ट स्टेज में ही इसका इलाज करवा पाएंगे ।

6) 6 महीने में डेंटिस्ट से जरूर मिलें – आपको हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जाकर जरूर मिलना चाहिए और अपने मुंह की जांच करवानी चाहिए । मुंह के अंदर कई हिस्से होते हैं जिसका ख्याल रखने की जरूरत होती है । यदि आप हर 6 महीने में अपने डेंटिस्ट के पास जाएंगे तो आप कई मुंह की परेशानियों से तो बच्चे ही रहेंगे साथ ही यदि आपके मुंह में कैंसर की शुरुआत भी हो रही होगी तो उसका पता फर्स्ट स्टेज में ही चल जाएगा ( मुंह के कैंसर के उपचार )

7) बिना कारण  मुंह के अंदर समस्या – यदि आपके मुंह के अंदर किसी भी प्रकार की समस्या हो रही है जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया गले में दर्द, बिना वजह खून आना, निगलने में परेशानी होना, मुंह के अंदर गांठ आदि तो आपको तुरंत किसी अच्छे डेंटिस्ट से जाकर मिलना चाहिए और पता करना चाहिए कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है । इसे नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए वरना यह आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है ।

8) प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए – प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो तो कई बीमारियां आपके शरीर से आकर चिपक जाती हैं  । उन्हीं में से एक है मुंह का कैंसर इसलिए आपको अपने खाने पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए ( मुंह के कैंसर के उपचार ) । फल एवं सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए और एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए । ताकि आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके और आप मुंह के कैंसर एवं  अन्य बीमारियों से बचे रहें ।

9) मुंह की सफाई – आपको हमेशा अपने मुंह का ध्यान रखना चाहिए और इसकी सफाई करती रहनी चाहिए क्योंकि मुंह की गंदगी भी मुंह के कैंसर का एक बड़ा कारण है इसलिए हर रोज दो बार ब्रश अवश्य करें ( मुंह के कैंसर के उपचार ) । यदि किसी प्रकार की परेशानी हो तो डेंटिस्ट से जाकर उसका इलाज तुरंत करवा ले अपने मुंह की परेशानियों को नजरअंदाज बिल्कुल ना करें क्योंकि यही छोटी-छोटी परेशानियां आगे जाकर विकराल रूप ले सकती हैं ।

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