बुखार के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज – Bukhar ke karan, lakshan aur ilaj

आज Healthkenuskhe के इस लेख में आप जानेंगे कि बुखार क्या है, बुखार के कारण, लक्षण और बुखार का रामबाण इलाज । इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि अधूरी जानकारी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है ।

मौसम बदलता है और बुखार, सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं पैदा होने लगती है । कई लोग बुखार को बीमारी समझते हैं पर यह शरीर की कई समस्याओं के कारण होता है । बुखार में पूरे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और सर दर्द और पूरे बदन में दर्द भी होना शुरू हो जाता है और फिर लोग डॉक्टर के पास भागते हैं क्योंकि बहुत से लोगों को यह बात पता नहीं होता है कि वह घर पर ही अपने bukhar ka ilaj कर सकते हैं । बुखार का आयुर्वेदिक इलाज करने के ढेरों तरीके है जिनके बारे में हम आज बात करेंगे ।

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बुखार क्या है

बुखार क्या है ?

वैज्ञानिकों के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति के शरीर का तापमान अर्थात temperature 36 डिग्री सेल्सियस से लेकर 37 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है पर जब किसी कारणवश शरीर का तापमान इससे ज्यादा हो जाता है तो इस अवस्था को हम बुखार या ज्वर भी कहते हैं । बुखार के कई कारण हो सकते हैं तो आइए जान लेते हैं कि बुखार के कौन-कौन से कारण होते हैं ।

बुखार के कारण

बुखार के कारण – bukhar ke karan

  • बैक्टीरिया अथवा वायरस का संक्रमण
  • चिकन पॉक्स
  • निमोनिया
  • किसी प्रकार का फ्लू
  • किसी दवाई का साइड इफेक्ट
  • लू लगना
  • डिहाइड्रेशन
  • गले या नाक में सूजन के कारण
  • फेफड़े संबंधित बीमारी के कारण

bukhar ke lakshan

बुखार के लक्षण – bukhar ke lakshan

  • शरीर का तापमान बढ़ जाना
  • ठंड लगना
  • भूख ना लगना
  • शरीर का कांपना
  • सिर में दर्द होना
  • पूरे बदन में दर्द होना
  • सुस्त महसूस करना
  • शरीर में पानी की कमी होना
  • बेचैनी बढ़ना

बुखार का रामबाण इलाज

बुखार का रामबाण इलाज – bukhar ka ilaj कैसे करें ?

1) ठंडे पानी की पट्टी को सर पर रखना – आपने कई बार फिल्मों में भी इस प्रक्रिया को देखा होगा जिसमें किसी को अगर बुखार होता है तो उसके सिर पर ठंडे पानी में भीगे हुए कपड़े की पट्टी को रखा जाता है ताकि शरीर की गर्मी को कम किया जा सके | यह प्रक्रिया सच में बहुत ही काम की होती है और बुखार को कम करने में काफी मदद करती है | अगर आपके घर में किसी को तेज बुखार है तो इस प्रक्रिया का पालन करके आप उसके बुखार को कम कर सकते हैं ।

2) पुदीना – एक कप पानी लें उसमें 3 से 4 पुदीने के पत्ते डालें, 1 चम्मच शहद डालें और उसे अच्छी तरह उबालें | अब उसे थोड़ा ठंडा करके उसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं और सुबह शाम मरीज को इसका सेवन कराएं | पुदीने के प्रभाव से और इसके anti-inflammatory गुण के कारण बुखार में कमी आने लग जाएगी, इसलिए पुदीने को बुखार की आयुर्वेदिक दवा भी कहा जाता है ।

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3) अदरक – अदरक में anti-biotic और anti-inflammatory तत्व पाए जाते हैं जो बुखार को कम करने में और infection से लड़ने में आपकी मदद कर सकता है | इसका उपयोग करने के लिए आप 25 ग्राम अदरक को अच्छी तरह से कूट लें, इसे 1 कप पानी में डालकर अच्छी तरह गर्म करें और इसे थोड़ा ठंडा करके इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर इसका सेवन करें कुछ देर में बुखार कम होने लगेगा ।

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4) सेब का सिरका – सेब का सिरका एक बहुत ही काम की चीज होती है, जब आपको किसी व्यक्ति के बुखार को कम करना हो तब सेब के सिरके का आपको सेवन नहीं करना है बल्कि 1 गिलास ठंडे पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और फिर एक कपड़े को उस पानी में भिगोकर पूरे शरीर को उस पानी से कपड़े की मदद से पोछें, बुखार कम होने लग जाएगा ।

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5) ग्रीन टी – ग्रीन टी में anti-bacterial और anti-viral तत्व पाए जाते हैं । bukhar ka ilaj ग्रीन टी से भी किया जा सकता है । ग्रीन टी का सेवन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है | अगर किसी को बुखार है तो उसे सुबह शाम ग्रीन टी पिलाएँ, ग्रीन टी के प्रभाव से infection कम होने लग जाएगा और शरीर का तापमान भी कम होने लगेगा, यह बहुत ही कारगर नुस्खा होता है इसलिए इसका इस्तेमाल अवश्य करें ।

6) काढ़ा – जब भी बरसात का मौसम आता है तो अपने साथ सर्दी-जुकाम लेकर आता है पर अगर आप काढ़ा बनाकर प्रतिदिन पीना शुरू करते हैं तो यह आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इतना ज्यादा बढ़ा देता है कि कोई भी bacteria और virus का आपके शरीर पर कब्जा कर पाना मुश्किल हो जाता है । ये bukhar ka desi ilaj भी है ।

अगर किसी मरीज को तेज बुखार है तो आप सुबह शाम उसे काढ़ा पिलाना शुरू करें, उसका बुखार धीरे-धीरे करके उतर जाएगा | काढ़ा बनाने के लिए आप 2 कप पानी एक बर्तन में लाकर उसे गैस पर धीमी आंच पर चढ़ाएं अब उसमे डेढ़ चम्मच कटा हुआ अदरक, काली मिर्च के 2 दाने, 5 तुलसी के पत्ते, 4 लौंग और 2 चम्मच शहद डालें और इसे तब तक उबालें जब तक पानी 2 कप से 1 कप ना हो जाए । जब पानी आधा हो जाए तो इसका सेवन दिन में 2 बार करें सिर्फ 2 दिनों में आपका बुखार उतर जाएगा ।

7) हल्दी – हजारों वर्षों से बुखार को ठीक करने के लिए हल्दी का इस्तेमाल होता आया है | हल्दी में anti-bacterial और anti-viral तत्व पाए जाते हैं जो bacteria से लड़ने में सक्षम होते हैं | हल्दी के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और यदि आप हल्दी का प्रयोग नियमित रूप से करते हैं तो आप जल्दी बीमार नहीं होते | अगर किसी मरीज को बुखार है तो आप 1 गिलास गर्म दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर उस मरीज को देना शुरू करें, 2 दिन में उसका बुखार ठीक हो जाएगा । इसलिए हल्दी को बुखार का रामबाण इलाज भी कहा जाता है ।

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8) दालचीनी – दालचीनी का इस्तेमाल आपने कई बार सब्जी बनाने के लिए किया होगा पर आयुर्वेद में दालचीनी का इस्तेमाल बुखार को सर से उतारने के लिए भी किया जाता है | आप 1/2 चम्मच दालचीनी का पाउडर ले और उसमें 1 चम्मच शहद मिला दें, अब इसका सेवन सुबह शाम करें | दालचीनी में anti-bacterial, anti-oxidant और anti-inflammatory तत्व होते हैं जिसके कारण यह बुखार में काफी प्रभावी होता है और बुखार को तेजी से कम करने में मदद करता है ।

9) काली मिर्च – काली मिर्च भी anti-bacterial और anti-inflammatory तत्वों से परिपूर्ण होता है | अगर इसका सेवन बुखार के दौरान किया जाए तो यह भी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है जिसके कारण बुखार उतरने लगता है | इसका उपयोग करने के लिए आप आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर ले और 2 कप पानी में डालकर इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा ना हो जाए | अब आप पानी को छान लें और इस पानी को मरीज को पिलाएं, धीरे-धीरे करके बुखार उतरने लगेगा । ये बुखार का आयुर्वेदिक इलाज भी है ।

10) लहसुन – लहसुन anti-bacterial और anti-inflammatory गुण से समृद्ध होता है साथ ही इसमेंanti-oxidant तत्व भी होते हैं जो कैंसर सेल्स से लड़ने में आपकी मदद करते हैं, यही नहीं लहसुन का सेवन यदि आप नियमित रूप से करते हैं तो यह आपके शरीर की immunity को बढ़ा देता है, लहसुन अगर आप कच्चा चबाकर खाते हैं या मरीज को खिलाते हैं तो उसका बुखार धीरे-धीरे उतरने लग जाता है ।

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11) तुलसी – तुलसी अपने anti-bacterial और अपने anti-viral गुणों के लिए काफी प्रसिद्ध है | तुलसी का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाइयों में भी किया जाता है | तुलसी में ऐसे-ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देती है | अगर किसी मरीज को तेज बुखार है तो उसे दिन में तीन बार तुलसी के 5 पत्ते चबाने के लिए दें, तुलसी के प्रभाव से बुखार उतरने लगेगा । तुलसी को bukhar ki dawa भी माना जाता है ।

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12) तिल का तेल – तिल के तेल की तासीर ठंडी होती है जिसके कारण अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति की तिल के तेल से मालिश करते हैं जिसे बुखार है तो उसका बुखार धीरे-धीरे उतरने लगता है और शरीर का तापमान नॉर्मल होने लग जाता है, हालांकि आपको तिल के तेल को हल्का गर्म करके ही इस तेल से मरीज की मालिश करनी है ।

bukhar ka desi ilaj

बुखार कम करने के लिए टिप्स – bukhar ka desi ilaj

1) बुखार के दौरान ज्यादा tension और stress ना लें और rest करने की कोशिश करें क्योंकि आप जितना stress करेंगे आपका शरीर इतना जल्दी रिकवर करेगा ।

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2) अपने दिमाग और अपने शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें, समय-समय पर अपने सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं ताकि आपके सर पर बुखार ना चढ़े ।

3) अपने शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें इसलिए पानी को उबालकर और फिर उसे ठंडा करके समय-समय पर घूँट-घूँट करके पानी पीते रहें ताकि आपके शरीर में पानी की कमी ना हो ।

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4) अपने शरीर का तापमान थर्मामीटर के द्वारा चेक करते रहें, अगर तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जा रहा है तो मरीज को डॉक्टर के पास तुरंत लेकर जाएं ।

5) अगर आप मरीज को डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं तो उनके द्वारा दी गई सारी दवाइयों को मरीज को समय पर खिलाएं और दवाई की कोर्स को कंपलीट करवाएं और अगर आप चाहते हैं कि बुखार जल्दी उतरे तो ऊपर बताये गए नुस्खों का भी साथ में उपयोग अवश्य करें ।

दोस्तों, उम्मीद करते हैं कि आपको बुखार के घरेलू उपाय पसंद आए होंगे । अगर अब भी आपके मन में कोई सवाल है तो comment box में अवश्य पूछे हमारी टीम आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेगी और अगर आप चाहते है कि हमारी अगली पोस्ट भी आप तक पहुंचे तो हमारी website healthkenuskhe.com को अभी subscribe कर ले आपका दिन शुभ हो, धन्यवाद ।

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